कुछ टूटे तराने तेरे नाम करता हूँ
एक और हसीं शाम तेरे नाम करता हूँ
इन छलकते पैमानों की बेकशी से पूछ
ज़ाम का हर एक कतरा तेरे नाम करता हूँ rahul@vats
एक और हसीं शाम तेरे नाम करता हूँ
इन छलकते पैमानों की बेकशी से पूछ
ज़ाम का हर एक कतरा तेरे नाम करता हूँ rahul@vats

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