कुछ उम्मीदें जो बची, आज वो भी टूट गई.
कुछ सपने जो सजाए थे, आज वो भी रूठ गई..
प्यार तो तुम्हें दिल अब भी बहुत करता है ग़ालिब
बस कुछ अपने जो कमाए थे आज वो अपने पीछे छूट गए
कुछ सपने जो सजाए थे, आज वो भी रूठ गई..
प्यार तो तुम्हें दिल अब भी बहुत करता है ग़ालिब
बस कुछ अपने जो कमाए थे आज वो अपने पीछे छूट गए
Rahul@vats

0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें
सदस्यता लें टिप्पणियाँ भेजें [Atom]
<< मुख्यपृष्ठ