अधूरी कहानी
आज मुद्दत बाद दिल ने फिर कागज और कलम की ओर रुख किया......
होठो ने बुदबुदाया...... दिल थोड़ा तेज धड़का और हाथो ने उसका साथ दिया......
लेकिन ये क्या.... अभी कुछ सवालआत को ही पन्नो पे बिखेरा था ......
की आँसू ने आँखो का साथ छोड़ दिया ..... .
गालों के रास्ते होठो को भिगोया.... और होठो ने बुदबुदाना छोड़ दिया......
पर दिल को शायद इसकी खबर ना थी .... शायद इसीलिए उसने धड़कना नहीं छोड़ा .....!
अब दिमाग की बारी थी......
हजारो सवालआत लिय कोरे पन्नो पे मौजूद हुआ .....,!
लेकिन सवालो की आहट से दिल बिखरने लगा ... दर्द सवरने लगा .....!
यादो की बारात एक बार फिर निकल परी .....
लम्हों के गलियारे से.......,!
कंठो ने शब्दों का साथ छोड़ दिया .... पलको ने आँसू का साथ छोड़ दिया ... एक बार मै फिर अपने सजाए सपनो की गोद में सो गया ....!
rahul@vats
BY:RAHUL Kumar, 8.02.2017
8802969607

6 टिप्पणियाँ:
Awsm line by mah swt RAHUL VATS.....wid amazing feelings...
sahi ja rahe hai @bhaisab@...........>>>>>>>>>>
आपकी दुआ बनी रहे बस.......
राहुल पूरा पढा बढ़िया पेशकश.. बस लेखक की कलम जरा हिचक रही पर आगे निखर कर सामने आएगी ... कुछ छोटे छोटे कररेक्शन कर लें( शायद शायद एक ही पंक्ति में दो बार प्रभाव कम करती है ) (हजारों सवालात लिए) (निकल पड़ी) (कंठ से शब्दों का से कोई मेल नही होता) ।। उम्मीद करती हूँ लेखक अगली रचना में पूरे फॉर्म में दिखेंगे।।
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Bhai sahab kahani kuch aage badi.....
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